प्राचीनकाल से इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। जो शिक्षाविद भारत और भारतीयता से प्रेम करते हैं, वे इस दिन मां शारदे की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान होने की प्रार्थना करते हैं। कलाकारों का तो कहना ही क्या? जो महत्व सैनिकों के लिए अपने शस्त्रों और विजयादशमी का है, जो विद्वानों के लिए अपनी पुस्तकों और व्यास पूर्णिमा का है, जो व्यापारियों के लिए अपने तराजू, बाट, बहीखातों और दीपावली का है, वही महत्व कलाकारों के लिए वसंत पंचमी का है।
वसंत ऋतु के पावन आगमन पर जेनिथ क्रैस विद्यालय मे (PAINTING EXHIBITION) कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है , जेनिथ परिवार कि तरफ से नर्म निवेदन है की वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर विद्यालय परिसर में पधारकर बाल कलाकारों का हौसला अपने आशीर्वाद से बुलंद करें और स्कूल परिवार को प्रसाद खिलाने का सुअवसर दे पुरा स्कूल परिवार इसके लिए आपका आभारी रहेगाl
धन्यवाद
जेनिथ क्रैस एकेडमी , औरंगाबाद